रांची : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से संवाद की पहल की है। उन्होंने “छात्रों की बात – छात्रों के साथ” अभियान की शुरुआत की जानकारी दी है। इस अभियान के जरिए छात्र परीक्षा से जुड़ी अपनी समस्याएं सरकार के सामने रख सकेंगे। छात्रों को अपनी परेशानियों के साथ सुधार के सुझाव देने का भी मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। राज्य के लाखों युवा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। उनके परिवार भी इन परीक्षाओं से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर छात्रों का भरोसा कायम रहना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि परीक्षा का आयोजन समय पर होना भी जरूरी है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। JPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नई नियमावली तैयार की गई है। इस नियमावली के जरिए परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं से छात्रों की मेहनत पर सीधा असर पड़ता है। इससे परीक्षा व्यवस्था के प्रति युवाओं का विश्वास भी कमजोर होता है। सरकार ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानूनी व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून के जरिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री की यह पहल सरकार और युवाओं के बीच संवाद बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। अभियान के जरिए छात्रों को अपनी बात रखने का सीधा मंच मिल सकता है। इससे परीक्षा से जुड़ी जमीनी समस्याओं को समझने में सरकार को मदद मिलेगी। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली परेशानियों की जानकारी सरकार को दे सकेंगे। सरकार इन सुझावों के आधार पर व्यवस्था में जरूरी बदलाव कर सकती है। मुख्यमंत्री ने युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेने का भरोसा जताया है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को सबसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल किया है। समय पर परीक्षा और भर्ती युवाओं की प्रमुख मांगों में रही है। ऐसे में संवाद के जरिए लंबित समस्याओं का समाधान निकालने की उम्मीद है। अब छात्रों की प्रतिक्रिया और सरकार के अगले कदम पर सभी की नजर रहेगी।

