झारखंड में वर्ष 2014 से अब तक हुई 45 परीक्षाओं की जांच का फैसला लिया गया है। सरकार के आदेश के बाद इस जांच की जिम्मेदारी CID को दी जा रही है। एक साथ इतनी परीक्षाओं की जांच राज्य में पहली बार होने जा रही है। फिलहाल ADG CID मनोज कौशिक जांच की निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ करीब 50 पुलिस अधिकारी जांच प्रक्रिया में शामिल हैं। टीम में एक IG, एक DIG और तीन SP स्तर के अधिकारी मौजूद हैं। करीब एक दर्जन DSP समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी भी टीम का हिस्सा हैं। 45 परीक्षाओं की जांच के लिए मौजूदा टीम को और बड़ा किया जाएगा। अधिकारियों की संख्या बढ़ाने को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारी चल रही है। जल्द ही नई टीम के गठन से संबंधित आदेश जारी होने की संभावना है।
जांच में IG, DIG और SP स्तर के अतिरिक्त अधिकारियों को भी शामिल किया जा सकता है। अलग-अलग जिलों में सामने आए मामलों की जांच के लिए स्थानीय पुलिस की मदद ली जाएगी। इससे जांच टीम को स्थानीय स्तर पर जरूरी जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को सभी संबंधित परीक्षाओं की जांच की घोषणा की थी। इसके बाद मंगलवार को कार्मिक विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी। सरकार के आदेश के बाद CID ने जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। जांच में परीक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं और कथित अनियमितताओं की जानकारी जुटाई जाएगी। अधिकारियों को पुराने रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच करनी होगी। बड़ी संख्या में परीक्षाएं होने के कारण जांच लंबे समय तक चलने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।
जिन परीक्षाओं को जांच में शामिल किया गया है, उनमें कई महत्वपूर्ण सरकारी भर्तियां हैं। सहायक निदेशक, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी और ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती भी जांच के दायरे में है। सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर और पॉलिटेक्निक में लेक्चरर भर्ती की भी जांच होगी। मेडिकल कॉलेजों की सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर भर्ती को भी सूची में रखा गया है। सिविल जज, सहायक वन संरक्षक और वन रेंज अधिकारी की भर्ती भी जांच के दायरे में है। संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023 और 2025 से जुड़े मामलों की भी जांच की जाएगी। फूड सेफ्टी ऑफिसर, फूड एनालिस्ट और चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर की परीक्षाएं भी सूची में हैं। डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसीक्यूशन, प्रोजेक्ट मैनेजर और फैक्ट्री इंस्पेक्टर की भर्ती भी जांच के दायरे में है। बॉयलर इंस्पेक्टर, कृषि अधिकारी, डेंटिस्ट, भूविज्ञानी-रसायनज्ञ और सहायक अभियंता जैसी परीक्षाओं की भी जांच होगी। सरकार के इस फैसले से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की जांच पर अब विशेष नजर रहेगी।



