रांची के हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र से जुड़े मामले में आरोपी मोहम्मद इमरान ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। उसने शनिवार को रांची सिविल कोर्ट में सरेंडर किया। इमरान के खिलाफ हिंदपीढ़ी थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस ने उसके खिलाफ टाइगर मोबाइल जवान से कथित मारपीट का मामला दर्ज किया था। उस पर सरकारी हथियार छीनने की कोशिश का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, पूरा मामला ब्राउन शुगर की कथित बिक्री की सूचना से जुड़ा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मामले की पुष्टि करने के लिए इलाके में पहुंची थी। इसी कार्रवाई के दौरान टाइगर मोबाइल का जवान हिंदपीढ़ी पहुंचा था। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान जवान के साथ विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर उसके साथ मारपीट और हथियार छीनने का प्रयास किया गया।
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। इमरान को मामले में नामजद आरोपी बनाया गया था। एफआईआर के बाद पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की। पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुलिस का दबाव इमरान पर बढ़ता गया। इसके बाद उसने गिरफ्तारी से पहले अदालत में सरेंडर करने का निर्णय लिया। शनिवार को इमरान सीजेएम की अदालत में पहुंचा। उसने अदालत के सामने आत्मसमर्पण किया। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया।
अदालत के आदेश के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में आगे की जांच कर रही है। जांच के दौरान घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी देखी जा रही है। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है। इसके लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्यों को भी जुटा रही है। टाइगर मोबाइल जवान के साथ हुई घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। हथियार छीनने के कथित प्रयास को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। ब्राउन शुगर की कथित बिक्री से जुड़ी सूचना के पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है। फिलहाल मोहम्मद इमरान जेल में है और मामले की जांच जारी है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।



