टाटा स्टील को 890 करोड़ रुपये की वसूली के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने फिलहाल कंपनी से इस राशि की वसूली पर रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई न्यायाधीश पीएम नरसिम्हा और न्यायाधीश आलोक अराधे ने की। CGST की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने टाटा स्टील के खिलाफ वसूली का आदेश जारी किया था। कंपनी पर गलत तरीके से ITC का लाभ लेने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद टाटा स्टील ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट की पीठ ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। अब शीर्ष अदालत ने 890 करोड़ रुपये की वसूली पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद फिलहाल कंपनी से उक्त राशि की वसूली नहीं की जा सकेगी।
हाईकोर्ट में टाटा स्टील की ओर से कई कानूनी बिंदु उठाए गए थे। कंपनी ने कहा था कि उसके मामले में CGST की धारा 74 लागू नहीं होती है। कंपनी ने कार्रवाई के क्षेत्राधिकार पर भी सवाल उठाया था। इसके साथ ही प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन का दावा किया गया था। टाटा स्टील ने कहा था कि धारा 74 के तहत कार्रवाई के लिए निर्धारित शर्तों का पूरा होना जरूरी है। कंपनी के मुताबिक, उसके मामले में जरूरी शर्तें पूरी नहीं हुई थीं। इसलिए धारा 74 के तहत वसूली का आदेश उचित नहीं था। दूसरी ओर राजस्व विभाग ने इन दलीलों से असहमति जताई थी। विभाग ने कहा था कि कार्रवाई में क्षेत्राधिकार और प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन नहीं हुआ है। राजस्व विभाग ने यह भी कहा कि मामला धारा 74 के तहत ही आता है।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद टाटा स्टील को अपीलीय प्राधिकरण जाने का मौका दिया था। कंपनी को चार सप्ताह के भीतर अपील दाखिल करने का समय दिया गया था। लेकिन टाटा स्टील ने सीधे सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। मामला वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2020-21 के ऑडिट से सामने आया था। ऑडिट में GSTR-2A और GSTR-3B के आंकड़ों की जांच की गई थी। जांच में ITC के गलत लाभ का मामला सामने आने का दावा किया गया था। इसके बाद CGST अधिकारी ने डिमांड नोटिस जारी किया था। संयुक्त आयुक्त ने 26 दिसंबर 2025 को मामले में आदेश पारित किया था। आदेश में 890 करोड़ रुपये की राशि की वसूली के साथ धारा 50 के तहत दंड का भी निर्देश था। अब सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से टाटा स्टील को इस मामले में अस्थायी राहत मिली है। मामले की आगे की सुनवाई में अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।



