दिल्ली जिस पर इतराती थी, उस प्रगति मैदान टनल को ‘नहर’ बनाने वालों पर होगा ऐक्शन?
भारी बारिश के बीच जलभराव की समस्या के चलते प्रगति मैदान टनल को बंद करना पड़ा है। प्रगति मैदान मेन टनल में जलभराव न हो, इसके लिए 11 संपवेल और 28 मोटर पंप लगे हैं। इसके बाद भी मेन टनल में न सिर्फ जलभराव हुआ, बल्कि ट्रैफिक भी बंद करना पड़ा। टनल में हालात बदतर होने के बाद अब एजेंसियां एक दूसरे पर दोष मढ़ रही है। टनल बनाने वाली कंपनी ने अब प्रगति मैदान को रीडिवेलप करने वाली एजेंसी के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करवा दी है।
लगातार बारिश के चलते प्रगति मैदान मेन टनल में पानी भर गया था, जिसकी वजह से टनल से होकर गुजरने वाली ट्रैफिक भी बंद करना पड़ा। सोमवार शाम तक टनल बनाने वाली प्राइवेट एजेंसी ने पानी तो निकाल दिया था, लेकिन टनल से ट्रैफिक शुरू नहीं हो पाया था। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि मेन टनल में पानी निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मेन टनल में जलभराव न हो, इसके लिए 7 संपवेल बनाए गए हैं। 27, 75 और 18 किलोवॉट क्षमता की 16 मोटर्स लगाई गई हैं, जो पानी खींच कर संपवेल में डालती हैं और यहां से पानी ड्रेन में चला जाता है।
अंडरपास-1 और 2 (मथुरा रोड पर) में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम के अलावा 40 किलोवाट के दो पंप लगाए गए हैं। अंडरपास-4 और 6 में पानी की निकासी के लिए दो संपवेल के अलावा 4 मोटर्स भी लगे हैं। कुल मिलाकर मेन टनल और चार अंडरपास में पानी निकासी के लिए 11 संपवेल और 28 मोटर्स पंप लगाए गए हैं। अफसरों का कहना है कि टनल में पानी नहीं भरता, लेकिन प्रगति मैदान रीडेवलपमेंट करने वाली एजेंसी ने वहां जलभराव का पानी निकालकर टनल के पास फेंक दिया, जिससे टनल में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। एजेंसी के खिलाफ इसके लिए एफआईआर भी दर्ज कराई गअर् है। पुलिस ने रविवार को टनल और आसपास के एरिया में जलभराव की स्टडी भी की थी।
आईपी इस्टेट और मिंटो ब्रिज में भी जलभराव
दिल्ली में जलभराव के जो 7 संवेदनशील लोकेशन की पहचान की गई थी, उनमें से तीन लोकेशन मिंटो ब्रिज, आईपी इस्टेट और पुल प्रह्लादपुर के नीचे करोड़ों रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी ने जलभराव रोकने की व्यवस्था की है। इस बार इन जगहों पर भी जलभराव की समस्या रही। अफसरों का कहना है कि इन स्थानों पर जलभराव का कारण अधिक बारिश का होना है। इसके अलावा अन्य कोई दूसरा कारण नहीं है।




