शिमला, चंबा, कुल्लू, मनाली.. जिस ‘जन्नत’ में घूमने जाते हैं आप, जरा उसका दर्द भी जानिए
हिमाचल प्रदेश के ऊपर पिछले तीन दिन से आफत की बारिश बरस रही है। पहाड़ दरक रहे हैं और नदियों में सुनामी जैसी खौफनाक लहरें दिख रही हैं। ये लहरें बेहद शक्तिशाली हैं कि मिट्टी, सड़क, मकान, दुकानें, पुल, कारें और होटल तक तिनके की तरह बहे जा रहे हैं। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य की ऐसी स्थिति देखकर कहा कि ऐसा भयानक रूप पिछले 50 साल में नहीं देखा।
मनाली: नदी किनारे बना होटल बह गया
हिमाचल में इस वक्त बड़ी संख्या में टूरिस्ट मौजूद हैं जो मैदानी इलाकों से पहाड़ों की जन्नत देखने शिमला, कुल्लू-मनाली, चंबा और सोलन पहुंचे थे। लेकिन कुदरत के कहर की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं वो किसी प्रलय से कम नहीं है। मनाली में 20 लोगों को बचाया गया है लेकिन अभी भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 300 लोग फंसे हैं। मनाली में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिल रही है। यहां नदी किनारे बना तीन मंजिला होटल पानी में बह गया।
मंडी: ब्यास नदी के उफान में डूबा पंचवक्त्र मंदिर
मंडी में खौफनाक वीडियो सामने आया है। यहां के थुनाग इलाके में फ्लैश फ्लड की वजह से भारी नुकसान हुआ। वीडियो में थुनाग बाजार से बड़े बड़े पेड़, मलबा पत्थर मिट्टी के साथ बहकर सड़क पर आ गया है। इस दौरान लोगों में भगदड़ मच गई। मंडी में सुकेती पर बना पुल बह गया। पंडोह में बाजार डूबा है। यहां 100 साल पुराना लाल पुल बह गया है।
मंडी के औट में बंजार को जोड़ने वाला 50 साल पुराना पुल बह गया है। लगातार भारी बारिश के बाद ब्यास नदी में आए उफान के कारण मंडी का पंचवक्त्र मंदिर पानी में डूब गया है।चंबा: भूस्खलन से रास्ता बंद, मकान टूटे
चंबा में बारिश के चलते हुए भूस्खलन और बाढ़ के कारण कई मार्ग बंद हैं। चंबा से भरमौर, चंबा से चौरी वाया जोत कुट, चंबा से तीसातक नकरोड़ के पास, चंबा से खज्जियार तक मियाड़ी गाला के पास मार्ग अवरुद्ध है।शिमला में भी बारिश का कहर जारी है। यहां कोटगढ़ के पानेवली गांव में भूस्खलन की चपेट में एक घर आ गया था। हादसे के चलते तीन की मौत हो गई जबकि दो को सुरक्षित निकाल लिया गया।कुल्लू: ब्यास नदी ऊफान पर, 25 का रेस्क्यू
कुल्लू के कसोल इलाके में 25 लोगों का रविवार को रेस्क्यू हुआ। करीब 20 से 21 लोग किसान भवन कुल्लू में फंसे थे। जो क चारों तरफ से नदियों से घिरा हुआ था। वहां के हालात देखते हुए ग्राउंड रेस्क्यू मुश्किल था। इसके बाद होम गार्ड टीम ने रेस्क्यू किया। इन्हें दूसरे छोर पर पहुंचाया गया और सभी सुरक्षित है। मनाली-लेह राजमार्ग के समानांतर बहने वाली ब्यास नदी इस समय उग्र स्थिति में है। इसने अपना मार्ग बदल लिया है और अब मुख्य सड़क के किनारे बह रही है, जिसके परिणामस्वरूप इसके मार्ग में महत्वपूर्ण विनाश हुआ है।




