इस कार्रवाई में 21 गौवंशीय पशुओं को बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। बताया गया कि आरोपी अवैध तरीके से पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जा रहे थे। पुलिस को मामले की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई। थाना क्षेत्र के लामीपतरा बाजार के पास पुलिस ने जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान गाय, बैल और बछड़ों को बरामद किया गया। पुलिस ने पशुओं को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान भेज दिया।
इस मामले में बिहार के नवादा निवासी जितेंद्र कुमार ने आवेदन दिया था। आवेदन के आधार पर लेस्लीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया। इसके अलावा झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम 2005 लगाया गया। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत भी कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में सुदामा सिंह शामिल हैं। दुखी राम और रेयाज अंसारी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। तीनों आरोपी लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। फरार आरोपी इस्तेखार अंसारी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में अवैध गौ-तस्करी पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस तरह के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत थाना को देने को कहा गया है। बरामद पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस आसपास के इलाकों में भी जांच कर रही है। तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। इस कार्रवाई से अवैध पशु तस्करी करने वालों में डर का माहौल है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।



