रांची में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान देवाशीष मिश्रा के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी कांके थाना क्षेत्र से की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। वह CCL, MECON और NTPC जैसी कंपनियों का नाम इस्तेमाल करता था। बेरोजगार युवाओं को नौकरी की गारंटी का भरोसा दिया जाता था। इसके बदले उनसे लाखों रुपये वसूले गये। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की गतिविधियों का खुलासा हुआ। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी ईमेल आईडी बनाकर युवाओं को फंसाता था। वह नकली दस्तावेज और भर्ती प्रक्रिया का इस्तेमाल करता था। कई बेरोजगार युवक उसके झांसे में आ चुके थे। आरोपी जांच से बचने के लिए अलग तरीका अपनाता था। वह पैसे सीधे अपने खाते में नहीं मंगवाता था। परिवार के सदस्यों के खातों में रकम ट्रांसफर करायी जाती थी। पुलिस अब परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में कई बैंक खातों की जानकारी जुटायी जा रही है। पुलिस को ठगी से जुड़े अहम सबूत मिले हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
सहायक पुलिस अधीक्षक साक्षी जमुआर ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। बेरोजगार युवाओं को आसान नौकरी का लालच देकर ठगा जा रहा था। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों की जांच करने की सलाह दी गई है। पुलिस साइबर और बैंकिंग रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस ने कहा कि आम लोगों के साथ ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।



