केंद्रीय बजट 2026-27 आम आदमी की जेब से जुड़ा है। सरकार ने टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव किए हैं। कुछ फैसले राहत देने वाले हैं। कुछ फैसले खर्च बढ़ाने वाले साबित होंगे। बजट का लक्ष्य आत्मनिर्भरता बताया गया है। आयात पर निर्भरता घटाने की कोशिश की गई है।
जूते और बैटरी अब सस्ते मिल सकते हैं। बैटरी से जुड़े कच्चे माल पर टैक्स घटा है। कैंसर की दवाओं पर जीरो ड्यूटी दी गई है। हेल्थ सेक्टर को बजट से बड़ा सहारा मिला है। विदेशी पर्सनल सामान पर टैरिफ घटाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया गया है। इससे भविष्य में कीमतें घट सकती हैं।
शराब पीने वालों को झटका लगा है। शेयर बाजार में निवेश करना महंगा होगा। एसटीटी बढ़ने से ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ेगी। बायबैक टैक्स से निवेशक प्रभावित होंगे। विपक्ष ने राहत को नाकाफी बताया। बाजार ने बजट पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।


