राज्य सरकार का कहना है कि एनडीपीएस जैसे गंभीर अपराधों में सख्ती जरूरी है। सरकार मानती है कि बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी हुई थी। ऐसे मामलों में जमानत समाज के लिए खतरा बन सकती है।
सरकार ने हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर आपत्ति जताई है। इसी के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सरकार चाहती है कि दोषी को जेल में ही रखा जाए।
सरकारी वकीलों के अनुसार अप्रैल में होने वाली सुनवाई अहम होगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आगे की दिशा तय होगी। यह मामला राज्य की मादक पदार्थ नीति से भी जुड़ा है।


