बोकारो की 103 एकड़ वन भूमि के मामले ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन की अवैध जमाबंदी कर दी गई। यह जमीन मूल रूप से वन विभाग की थी।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन अंचल अधिकारी ने फर्जी कागजात के आधार पर रिकॉर्ड बदले। इस कार्य में अन्य राजस्व अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए अंचल अधिकारी को बर्खास्त कर दिया।
अब यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है। आरोपियों को फिलहाल अंतरिम राहत मिली हुई है। अगली सुनवाई में मामले की दिशा तय हो सकती है।


