1941 में अपने चाचा की मृत्यु के बाद, 1942 में वे विश्व भारती विश्वविद्यालय के दूसरे चांसलर बने थे।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह खबर भारतीय कला और संस्कृति के इतिहास के एक महत्वपूर्ण हिस्से के नुकसान को दर्शाती है। यह दिखाती है कि कैसे शहरीकरण और विकास के नाम पर हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नष्ट किया जा रहा है।
मुख्य बातें:
- अबनिंद्रनाथ टैगोर का शांतिनिकेतन स्थित घर अब एक हाईराइज इमारत में तब्दील हो गया है।
- वे नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे थे।
- 1942 में वे विश्व भारती विश्वविद्यालय के दूसरे चांसलर बने थे।
यह खबर हमें क्या बताती है?
यह खबर हमें बताती है कि हमें अपनी सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें यह भी सोचने की जरूरत है कि विकास के नाम पर हम क्या खो रहे हैं।


