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भारत-इटली के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की पहल, ‘Vinitaly’ रोडशो का आयोजन.

नई दिल्ली: इटली के कृषि मंत्री फ्रांसेस्को लोलोब्रिगिडा ने भारत के साथ आपसी व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध काफी मजबूत हैं और इसे निरंतर बढ़ाया जाना चाहिए।

‘Vinitaly’ रोडशो का आयोजन
यह रोडशो शनिवार से शुरू हुआ और दो दिनों तक चला।
‘Vinitaly’ इटली की मशहूर वाइन कंपनियों के लिए एक प्रमुख मंच है।
इस आयोजन में कंपनियां अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर व्यापारिक संभावनाओं पर चर्चा करती हैं।
कृषि मंत्री फ्रांसेस्को लोलोब्रिगिडा ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से व्यापारिक संबंधों को नया आयाम मिलेगा।
इटली के कृषि मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच म्यूचुअल एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
भारत-इटली व्यापारिक इतिहास
‘Vinitaly’ के गाला डिनर में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली ने ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि प्राचीन रोमन साम्राज्य और भारत के बीच काली मिर्च और वाइन का व्यापार होता था।
उन्होंने इस रिश्ते को फिर से मजबूत करने पर जोर दिया।
भारतीय बाजार में इटली की वाइन का वार्षिक व्यापार करीब 33 मिलियन डॉलर का है।
भारत के कुल आयातित वाइन बाजार में इटली की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है।
रोडशो में प्रमुख भागीदारी
रोडशो में इटली के कई प्रमुख वाइन उत्पादकों ने हिस्सा लिया।
इनमें Piemonte Land of Wine, Italia del Vino Consorzio, Angelini Wines & Estates और Uvaitaly शामिल हैं।
रोडशो के दौरान भारतीय चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयातकों, स्टोर मालिकों और होटल-रेस्तरां प्रबंधकों के साथ B2B बैठकें आयोजित की गईं।
प्रतिभागियों को 6-9 अप्रैल के बीच इटली के वेरोना में होने वाले 57वें Vinitaly में आमंत्रित किया गया है।
यह आयोजन वेरोनाफिएरे द्वारा भारतीय चैंबर ऑफ कॉमर्स और इटली के दूतावास के सहयोग से आयोजित किया गया।
आर्थिक संभावनाएं और भविष्य की योजना
भारतीय बाजार में वाइन उद्योग के तेजी से बढ़ने की संभावना जताई गई है।
अनुमान है कि 2028 तक इटली की स्पार्कलिंग वाइन की बिक्री 20 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन द्वारा घोषित मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को और गति देगा।
यह समझौता वर्ष के अंत तक अंतिम रूप से हस्ताक्षरित होने की संभावना है।
इटली वर्तमान में भारतीय वाइन बाजार में तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, जिसमें उसकी हिस्सेदारी लगभग 1 मिलियन लीटर है।

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