झारखंड सरकार ने राज्य में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाया है। रांची से मिली जानकारी के अनुसार कई मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार ने नेशनल मेडिकल काउंसिल को आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। इसका उद्देश्य राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना है। लंबे समय से डॉक्टरों की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। इस फैसले से छात्रों को राज्य में ही पढ़ाई के अवसर मिलेंगे। मेडिकल शिक्षा का ढांचा मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। मेडिकल कॉलेजों की क्षमता बढ़ाना इसी योजना का हिस्सा है। इससे आने वाले समय में स्वास्थ्य व्यवस्था को लाभ मिलेगा।
जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में यूजी सीटें अब 150 हो गई हैं। पहले यहां केवल 100 सीटें थीं। दुमका, हजारीबाग और धनबाद मेडिकल कॉलेजों में भी सीट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। इन सभी संस्थानों में 150 सीटें करने की योजना है। रिम्स रांची में यूजी सीटें 250 करने का प्रस्ताव भेजा गया है। वर्तमान में यहां 180 सीटें उपलब्ध हैं। इससे मेडिकल छात्रों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। कॉलेजों में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी काम किया जा रहा है। शिक्षकों और संसाधनों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पीजी सीटों में बढ़ोतरी से विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होंगे। जमशेदपुर में पीजी सीटें 45 से बढ़कर 51 हो गई हैं। धनबाद में पीजी सीटों को 9 से बढ़ाकर 10 करने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि इससे सुपर स्पेशलिटी सेवाएं मजबूत होंगी। मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध होगा। राज्य से बाहर इलाज के लिए जाने की जरूरत घटेगी। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच ग्रामीण इलाकों तक बढ़ेगी। सरकार इस योजना को स्वास्थ्य सुधार का बड़ा कदम मान रही है। आने वाले वर्षों में इसका सकारात्मक असर दिखेगा। झारखंड चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।



