रांची के रिम्स अस्पताल में जांच सुविधाओं को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब मरीजों को अधिकांश जांच अस्पताल परिसर में ही मिलेंगी। इससे बाहर निजी लैब पर निर्भरता कम होगी। पहले कई जांचों के लिए मरीजों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता था। गरीब मरीजों के लिए यह बड़ी समस्या बन जाती थी। नई व्यवस्था से इलाज अधिक सुलभ बनेगा। अस्पताल ने मरीज केंद्रित सेवाओं पर ध्यान दिया है। जांच प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास जारी है। मरीजों को बेहतर अनुभव देने की तैयारी की गई है।
ट्रॉमा सेंटर की लैब पहले से लगातार काम कर रही है। यहां जांच रिपोर्ट चार से पांच घंटे में तैयार हो जाती है। अब लैब में नई जांच मशीनें लगाई जा रही हैं। इससे जांच क्षमता में वृद्धि होगी। गंभीर बीमारियों का जल्दी पता लगाया जा सकेगा। समय पर इलाज शुरू करना संभव होगा। डॉक्टरों को सटीक मेडिकल जानकारी मिलेगी। अस्पताल की कार्यक्षमता में सुधार आएगा। मरीजों की भीड़ को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी।
नई जांचों में CA-125, CA-19-9 और एंटी-TPO शामिल हैं। एंटी-CCP जांच गठिया रोग पहचानने में मदद करेगी। यूरिन प्रोटीन और आरएफ टेस्ट भी उपलब्ध होंगे। इनसे कैंसर और हार्मोन संबंधी बीमारियों की पहचान आसान होगी। किडनी और थायराइड रोगों का समय पर इलाज संभव होगा। आयुष्मान भारत योजना के मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा। बीपीएल परिवारों के लिए यह सुविधा राहत साबित होगी। जांच के लिए बाहर जाने की जरूरत समाप्त होगी। मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा। रिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार नई उम्मीद लेकर आया है।



