नोवामुंडी : पश्चिमी सिंहभूम और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। नोवामुंडी थाना क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस को यह सफलता गुप्त सूचना के आधार पर मिली। बरामद वाहनों की कीमत 25 से 30 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। अभियान के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पुलिस अधिकारियों ने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। वाहन चोरी के मामलों पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अब पूरे गिरोह की गतिविधियों की जांच कर रही है। अन्य संदिग्धों की पहचान का काम भी जारी है।
प्रेस वार्ता के दौरान थाना प्रभारी नयन कुमार ने अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम में कई थाना क्षेत्रों के पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। इसी दौरान वाहन चोरी गिरोह की सूचना प्राप्त हुई। सूचना की पुष्टि के बाद विभिन्न स्थानों पर छापेमारी शुरू की गई। अभियान में जमशेदपुर पुलिस का भी सहयोग मिला। दोनों जिलों की पुलिस ने समन्वय के साथ कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे। पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली। इसके बाद बड़ी संख्या में चोरी की बाइकें बरामद हुईं। अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू लोहरा उर्फ भोला और राज पुर्ती के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ कर कई जानकारियां जुटाई जा रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई जा सकेगी। बरामद मोटरसाइकिलों का सत्यापन किया जा रहा है। चोरी के पुराने मामलों से भी इनका संबंध खंगाला जा रहा है। पुलिस तकनीकी और भौतिक साक्ष्य एकत्र कर रही है। क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। लोगों से भी पुलिस को सहयोग देने की अपील की गई है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। संयुक्त अभियान को कानून व्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई से अपराधियों में भय का माहौल बना है।



