
जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने उन्हें चार गोली मारी। इसके बाद उन्हें तुरंत देवकमल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है।झामुमो ने महुआ माजी को राज्यसभा उम्मीदवार क्यों बनाया: जानिए पांच प्रमुख कारण
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने महुआ माजी को राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाकर कई महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। वर्तमान में महुआ माजी झामुमो की महिला मोर्चा की केंद्रीय अध्यक्ष हैं और सोरेन परिवार की करीबी मानी जाती हैं। इसके साथ ही वह एक प्रतिष्ठित रंगकर्मी हैं जिनकी रचनाओं को देश-विदेश में ख्याति प्राप्त है। आइए जानते हैं वे पांच कारण जिनके चलते झामुमो ने महुआ माजी को राज्यसभा उम्मीदवार चुना है।
1. बड़े भाई की भूमिका का संदेश:
झामुमो, जो महागठबंधन में सबसे बड़े हिस्सेदार हैं, ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि वह एक क्षेत्रीय पार्टी होने के बावजूद प्रमुख भूमिका निभाती है। 30 विधायकों के साथ, झामुमो ने अपना उम्मीदवार खड़ा कर यह संदेश दिया है कि वह प्रमुख पार्टी है।
2. परिवारवाद के आरोपों से बचाव:
महुआ माजी की उम्मीदवारी से पार्टी ने यह स्पष्ट किया है कि उसकी सोच परिवारवाद से परे है। इस कदम से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की कद्र करती है और परिवारवाद के आरोप सही नहीं हैं। यह निर्णय तब आया जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन का नाम भी चर्चा में था।
3. महिला सशक्तिकरण पर जोर:
पार्टी ने माजी को उम्मीदवार बनाकर यह साबित किया है कि वह महिलाओं के बारे में सकारात्मक सोच रखती है। वर्तमान राज्य कैबिनेट में केवल एक महिला मंत्री हैं, ऐसे में माजी की उम्मीदवारी से पार्टी ने महिलाओं को अवसर देने का संदेश दिया है।
4. ओबीसी वर्ग की हिस्सेदारी:
महुआ माजी ओबीसी वर्ग से आती हैं, जिससे झामुमो ने अपने आदिवासी छवि को बदलने की कोशिश की है। माजी की उम्मीदवारी से पार्टी ने ओबीसी वर्ग को अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश की है, खासकर जब बीजेपी ने आदित्य साहू को उम्मीदवार बनाया है।
5. सोरेन परिवार से निकटता:
महुआ माजी की सोरेन परिवार से करीबी संबंध भी एक महत्वपूर्ण कारण है। संगठन और व्यक्तिगत रूप से माजी की नजदीकियां सोरेन परिवार से हैं, जिसके चलते उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया गया है।



