एक सर्वेक्षण के दौरान, 80% छात्रों ने स्वीकार किया कि उन्होंने वरिष्ठों या बड़ों के सहकर्मी दबाव के कारण धूम्रपान शुरू किया।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह खबर हैदराबाद के स्कूलों में नशीली दवाओं के खतरे के बारे में चिंताजनक स्थिति को दर्शाती है। यह दिखाती है कि सहकर्मी दबाव युवाओं को नशीली दवाओं के सेवन के लिए प्रेरित कर सकता है।
मुख्य बातें:
- हैदराबाद के स्कूलों में नशीली दवाओं का खतरा बढ़ रहा है।
- 80% छात्रों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सहकर्मी दबाव के कारण धूम्रपान शुरू किया।
- मारिजुआना युवाओं में लोकप्रिय नशीली दवाओं में से एक है।
यह खबर हमें क्या बताती है?
यह खबर हमें बताती है कि हमें युवाओं को नशीली दवाओं के खतरे के बारे में शिक्षित करने और उन्हें सहकर्मी दबाव से निपटने के लिए तैयार करने की आवश्यकता है। यह खबर हमें यह भी बताती है कि हमें स्कूलों में नशीली दवाओं के सेवन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।



