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बिहार विधानसभा में ‘खेला’ होना तय! हॉर्स ट्रेडिंग के गणित में उलझी फ्लोर टेस्ट की कहानी, जानिए पूरी बात

बिहार की सियासी भूमि पर हॉर्स ट्रेडिंग के बीज बोए जा चुके हैं। उस बीज के फलने-फूलने का समय भी 12 फरवरी को तय है। अब किस दल के विधायकों में टूट होगी। गवाह 12 फरवरी को बिहार विधान सभा बनने जा रहा है। हॉर्स ट्रेडिंग की स्थिति की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीजेपी जैसी अनुशासित पार्टी भी आपने विधायकों की घेराबंदी में लग गई है। सबसे पहले जान लेते हैं कि किन पार्टियों पर खतरा है। जिनके विधायक टूट सकते हैं। जब से राज्य में नीतीश नीत एनडीए की सरकार बनी है। उसी वक्त से कांग्रेस सॉफ्ट टारगेट बनी हुई है। कांग्रेस के 19 विधायकों में से 9 विधायकों के संपर्क बीजेपी या फिर जदयू नेतृत्व से माना जा रहा है। पूर्णिया में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी ये बात उभर कर आई कि कई विधायक अनुपस्थित रहे। अब स्थिति यह है कि टूट के डर से कांग्रेस विधायकों को हैदराबाद ले जाया गया है और कहा जा रहा है कि उनके मोबाइल को भी जब्त कर लिया गया है।

कांग्रेस सॉफ्ट टारगेट

हालांकि कांग्रेस विधायकों को तोड़ने का मामले काफी पुराना है। राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा थी कि जदयू के रणनीतिकार कांग्रेस के दो तिहाई विधायक को तोड़ने में लगे थे। लगभग 11 की संख्या तक पहुंच भी गए थे। लेकिन दल -बदल कानून से पार नहीं हो पा रहे थे। इस बीच सत्ता पलट हो गई। कांग्रेस के साथ सरकार बन गई तो ये मिशन बंद हो गया। लेकिन इस मुहिम को फिर अंजाम देने में जदयू के रणनीतिकार लगे हैं। खबर है कि कांग्रेस के तीन विधायक हैदराबाद नहीं गए।

बीजेपी पर भी खतरा

सत्ता के समीकरण के लिए मैजिक नंबर पाने की होड़ में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की नजर भाजपा विधायकों की ओर भी है। इस खबर की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने सभी विधायकों को पटना बुलाया। इसके लिए बहाना भोज का बनाया गया। यह भोज सम्राट चौधरी के आवास पर थी। खबर यह है कि यहां भी कुछ विधायक अनुपस्थित रहे। भाजपा के रणनीतिकार ने इसे गंभीरता से लिया है। खबर ये है कि फ्लोर टेस्ट तक बीजेपी अपने तमाम विधायकों को बोधगया ले जा रही है। ऐसा इसलिए कि एक बार लालू यादव ने बीजेपी विधायकों को तोड़ा था। 1992 में लालू यादव ने इंदर सिंह नामधारी की मदद से कई विधायकों को तोड़ लिया था।

दुविधा में जदयू

जदयू के भीतर भी विधायकों के टूटने का डर समा गया है। गोपाल मंडल ने लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा प्रकट कर अपनी मंशा जता दी है। खबर यह है कि बीमा भारती के पास फोन आया था। खुद नीतीश कुमार के करीबी मंत्री श्रवण कुमार ने स्वीकार किया कि हमारे विधायकों को तोड़ने के लिए विभिन्न तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं। पर जदयू के विधायक अपने नेता नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में एकजुट हैं। राजद की हर कोशिश को हमारे विधायक करारा जवाब देंगे। 12 को फरवरी को विधान सभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भरी बहुमत से पास होगा।

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