एनआईए की जांच ने माओवादी गठजोड़ की नई परतें खोली हैं। अधिकारी बताते हैं कि संगठन को फिर से खड़ा करने की रणनीति बनाई जा रही थी। यह रणनीति उत्तर भारत में सक्रिय तत्वों द्वारा संचालित थी।
चार्जशीट में आरोपी विशाल सिंह का नाम शामिल किया गया है। उसने जंगलों में ड्रोन ऑपरेशन से जुड़े प्रशिक्षण में हिस्सा लिया था। जांच में मीटिंग और प्रशिक्षण सत्रों के सबूत मिले हैं।
एनआईए ने बताया कि माओवादी नेता प्रमोद मिश्रा और संदीप यादव भी इस प्लानिंग में शामिल थे। यह पूरी योजना झारखंड के नक्सली समूहों की सहायता से चल रही थी। जांच आगे और तेज होगी।


