इस तरह इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या 8 हो गई।
मुख्य बिंदु:
- शवों की खोज के लिए स्निफर डॉग, थर्मल इमेजिंग कैमरा और हेलीकॉप्टर की मदद ली गई।
- अत्यधिक ठंड और बर्फबारी के बीच 53 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन।
- शनिवार को मिले थे चार शव, रविवार को बाकी चार श्रमिकों के शव मिले।
- BRO कैंप में हिमस्खलन के दौरान 8 लोग दब गए थे।
- रविवार को चौथे और अंतिम लापता श्रमिक का शव मिला।
- मौसम खराब होने के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
- एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन ने साझा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
- BRO ने कहा कि सभी प्रभावित परिवारों को सहायता दी जाएगी।
- हिमस्खलन के कारण BRO का कई जरूरी उपकरण बर्फ में दब गया।
- घटना के बाद सरकार ने क्षेत्र में हाई-अलर्ट जारी किया।
- स्थानीय प्रशासन ने आपदा राहत टीमों को चौकस रहने के निर्देश दिए।
- पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से फिलहाल इस क्षेत्र में न जाने की अपील।
- हिमस्खलन की चेतावनी को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया।
- BRO अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की।
- राज्य सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए।
- पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण हालात और बिगड़ सकते हैं।
- घटना से स्थानीय लोगों में भय का माहौल, प्रशासन ने सुरक्षा का भरोसा दिया।
- पिछले वर्षों में भी माणा क्षेत्र में हिमस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं।
- सरकार ने BRO और अन्य एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
- बचाव अभियान पूरा होने के बाद क्षेत्र में बर्फ हटाने का कार्य शुरू।


