केंद्र सरकार ने आयकर अनुपालन को लेकर गंभीर रुख अपनाया है। सीबीडीटी ने करदाताओं के लिए अंतिम अवसर घोषित किया है। यह मौका उन लोगों के लिए है जिन्होंने गलत छूट ली है। विभाग के अनुसार बड़ी संख्या में अनियमित रिटर्न पाए गए हैं। जांच में कई प्रकार की गलतियां सामने आई हैं। इनमें गलत पैन का उपयोग भी शामिल है। कुछ मामलों में फर्जी दान दिखाया गया है। इससे कर व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। सरकार राजस्व हानि रोकना चाहती है। इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
आयकर विभाग लगातार करदाताओं से संपर्क कर रहा है। ईमेल और मोबाइल संदेश के जरिए सूचना दी जा रही है। करदाताओं को संशोधित रिटर्न दाखिल करने को कहा गया है। विभाग ने बताया कि अब तक अच्छा प्रतिसाद मिला है। 21 लाख लोगों ने रिटर्न में सुधार किया है। इससे 2500 करोड़ रुपये का कर जमा हुआ है। यह स्वैच्छिक अनुपालन का उदाहरण है। विभाग इसे सफलता मान रहा है। फिर भी कई लोग अब भी बाकी हैं। ऐसे मामलों पर नजर रखी जा रही है।
सीबीडीटी ने साफ कर दिया है कि समय सीमा नहीं बढ़ेगी। 31 दिसंबर अंतिम तिथि है। इसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी। जनवरी 2026 से नियमों के तहत कदम उठेंगे। इसमें जांच और दंड दोनों शामिल होंगे। विभाग ने चेतावनी को गंभीरता से लेने को कहा है। समय रहते सुधार करना बेहतर विकल्प है। इससे कानूनी परेशानी से बचा जा सकता है। सरकार का संदेश स्पष्ट है। ईमानदारी ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।


