कलेक्टर की जगह बन गया क्रिमिनल, बुआ ने लाया था अनाथ आश्रम से… मां को बाथरूम में दफनाने वाले दीपक की कहानी जान कांप जाएंगे
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में बेटे ने अपनी मां की हत्या कर बाथरूम में चुनाव दिया। घटना के बाद बेटे की खौफनाक कहानी सामने आई है। आरोपी दीपक ने मां की हत्या कर बाथरूम में चुनवा दिया था। साथ ही अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों का बताया था कि मां गुम हो गई है। मृतक उषा देवी का अपना कोई औलाद नहीं था। दो साल की उम्र में दीपक को ग्वालियर के एक अनाथ आश्रम से गोद लिया था। इसके बाद बेटे की तरह पाल पोशकर बड़ा किया और पढ़ाया ताकि कुल का नाम रोशन कर सके। गलत संगतों में पड़कर उसने उजाले की जगह घर में अंधेरा कर दिया है। ऊषा देवी के भतीजे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उसे कलेक्टर बनना था लेकिन क्रिमिनल बन गया।
अनाथ आश्रम से लिया था गोद
दरअसल, दीपक के पिता भुवनेंद्र पचौरी वन विभाग में नौकरी करते थे। वह मूल रूप से सबलगढ़ के रहने वाले थे। नौकरी के दौरान अपनी पत्नी के साथ श्योपुर जिले के रेलवे कॉलोनी में रहते थे। उनका अपना कोई संतान नहीं था। घर में खुशी के लिए वह चाहते थे कि किसी रिश्तेदार के संतान को गोद ले लें लेकिन पत्नी ने कहा कि अनाथ आश्रम से लेते हैं। इसके बाद 23 साल पहले ग्वालियर के अनाथालय से दीपक को गोद लेकर आए। इसके बाद श्योपुर में रहकर दोनों ने उसकी परवरिश शुरू कर दी।
पढ़ने में प्रतिभावन था दीपक
भुवनेंद्र और उनकी पत्नी को दीपक में अपना भविष्य दिखता था। उसके प्यार में कोई कमी थी। सारी सुख सुविधाओं का ख्याल रखते थे। साथ ही पढ़ाई लिखाई भी अच्छे से हो रही थी। दीपक भी पढ़ाई में अच्छा था। 10वीं में उसके 94 फीसदी अंक आए थे। वहीं, 12वीं में 89 फीसदी अंक आए थे। उसकी पढ़ाई देखकर मां-पिता की चाहत था कि दीपक आगे चलकर कलेक्टर बनेगा। दीपक भी यही चाहता था। श्योपुर से ही उसने ग्रेजुएशन किया।



