जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने टांका आपूर्ति में पक्षपात पर फटकार लगाई।
श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JKMSCL) को सर्जिकल टांके (sutures) के टेंडर में जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी का पक्ष लेने के लिए कड़ी फटकार लगाई है।
कोर्ट ने इस प्रथा को “दशकों लंबा एकाधिकार” करार दिया है, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि जेकेएमएससीएल ने लगातार जॉनसन एंड जॉनसन को तरजीह दी है, जिससे अन्य कंपनियों को उचित अवसर नहीं मिल पाया। यह स्थिति न केवल प्रतिस्पर्धा को बाधित करती है, बल्कि यह भी आशंका पैदा करती है कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण विकल्प और उचित मूल्य पर सर्जिकल सामग्री उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कोर्ट ने इस पक्षपातपूर्ण रवैये पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जो सार्वजनिक क्षेत्र की खरीद में निष्पक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।
इस मामले पर हाई कोर्ट का सख्त रुख यह दर्शाता है कि अदालतें सार्वजनिक धन के उपयोग और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए गंभीर हैं। कोर्ट ने जेकेएमएससीएल को इस एकाधिकार को समाप्त करने और भविष्य के टेंडरों में सभी बोलीदाताओं को समान अवसर प्रदान करने का निर्देश दिया है। इस फैसले से जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में अधिक निष्पक्षता और जवाबदेही आने की उम्मीद है, जिससे अंततः मरीजों को लाभ होगा।



