गुस्साए स्थानीय लोगों ने सड़कों पर मौजूद बड़े-बड़े गड्ढों को बर्थडे केक, मोमबत्तियों और गुब्बारों से सजाकर उनका “जन्मदिन” मनाया। प्रदर्शनकारियों ने गड्ढों के पास खड़े होकर “हैप्पी बर्थडे गड्ढे” के नारे लगाए, जिससे प्रशासन पर सड़क मरम्मत का दबाव बढ़ सके। यह प्रदर्शन शहर के कई प्रमुख इलाकों में हुआ, जहां दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए, शाहू सेना के अध्यक्ष ने नागरिक निकाय अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा सड़कों की दशा सुधारने के लिए ठोस और मूर्त उपाय नहीं किए जाते हैं, तो एक और बड़ा और मजबूत आंदोलन शुरू किया जाएगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायत करने के बावजूद भी नगर निगम सड़क मरम्मत के कार्य में लापरवाही बरत रहा है। इन गड्ढों के कारण यातायात में बाधा आती है और रोजाना कई छोटे-बड़े हादसे होते हैं।
नागरिकों द्वारा अपनाया गया यह व्यंग्यात्मक तरीका प्रशासनिक उदासीनता को जनता के सामने लाने में सफल रहा है। शाहू सेना ने मांग की है कि अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सड़क मरम्मत का काम शुरू करना चाहिए और गुणवत्ता सुनिश्चित करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक सड़कें वास्तव में चलने योग्य नहीं हो जातीं। यह विरोध न केवल कोल्हापुर के लिए, बल्कि देश के उन तमाम शहरों के लिए भी एक उदाहरण है जहां सड़कें बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रही हैं।


