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अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर क्‍या साजिश करने जा रहा चीन, पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री भी लेंगे हिस्‍सा

पाकिस्तान के अंतरिम विदेश मंत्री जलील अब्बास जीलानी चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं। वह चीन में होने वाले तीसरे ट्रांस-हिमालय फोरम फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन में हिस्सा लेंगे। तीसरा ट्रांस-हिमालय फोरम फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन 4-5 अक्टूबर को तिब्बत ऑटोनोमस रीजन के न्यिंग-ची (Nyingchi) में आयोजित किया जा रहा है। ये इलाका भारत के अरुणाचल प्रदेश के करीब है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी के आमंत्रण पर जलील अब्बास जीलानी यह यात्रा करेंगे।

ट्रांस-हिमालय फोरम की शुरुआत 2018 में भौगोलिक कनेक्टिविटी, पर्यावरण संरक्षण, इकोलॉजिकल प्रोटेक्शन और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर क्षेत्रीय देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने के लिए की गई थी। फोरम की आखिरी व्यक्तिगत बैठक 2019 में आयोजित की गई थी। भारतीय सीमा के करीब दो दुश्मन इकट्ठा हो रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री जिलानी ट्रांस हिमालय फोरम के उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे।

तवांग में हुआ खेलों का आयोजन

जिलानी इस दौरान मंगोलिया के डिप्टी पीएम, चीन के विदेश मंत्री और अफगानिस्तान के अंतरिम विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे। अरुणाचल प्रदेश चीन और भारत के बीच विवाद का कारण रहा है। अरुणाचल भारत के हिस्से में आता है। लेकिन चीन इस पर अपना दावा करता रहता है। समय-समय पर चीन सीमा के पास कोई न कोई निर्माण करता रहता है। इस बीच सीमा से 25 किमी की दूरी पर अरुणाचल के तवांग में खेलों का आयोजन किया गया।

अरुणाचल के खिलाड़ियों को नहीं दिया वीजा

चीन और भारत के बीच अरुणाचल का विवाद एक बार फिर देखने को मिला है। चीन के हैंग्जहऊ में होने वाले एशियन गेम्स के लिए अरुणाचल की तीन महिला खिलाड़ियों को वीजा नहीं दिया गया। भारत का आरोप है कि चीन ने उन्हें मान्यता न देकर यात्रा करने से रोका है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि चीन ने पूर्वनिर्धारित तरीके से टार्गेट करके एथलीटों के साथ भेदभाव किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों एथलीट को एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के लिए मंजूरी मिल गई थी। लेकिन उनका मान्यता कार्ड डाउनलोड नहीं हुआ।

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