विंध्य में किसका गड़बड़ हो रहा है गणित? बड़े दलों के लिए है सबसे अधिक मुसीबत
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव अंतिम पड़ाव में है। प्रचार का शोर थम गया है। 17 नवंबर को वोटिंग होगी। विंध्य क्षेत्र पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। आइए आपको बताते हैं कि विंध्य के सभी सीटों पर किसे फायदा और किसे नुकसान हो रहा है। 2018 के विधानसभा चुनाव में विंध्य से सबसे अधिक सीटें बीजेपी को मिली थी। इस बार बागियों की वजह से पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चुनाव जीतने के लिए विंध्य क्षेत्र के दो सांसदों को मैदान में उतार दिया है।
दरअसल, रीवा जिले में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी मंत्री और चार बार के विधायक राजेंद्र शुक्ल का मुकाबला कांग्रेस के इंजीनियर राजेंद्र शर्मा से है। मुकाबला इस बार बड़ा जबरदस्त है।
वहीं, रीवा जिले के मनगवां विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नरेंद्र प्रजापति को कांग्रेस की प्रत्याशी बबीता साकेत और बसपा के रामायण साकेत कड़ी टक्कर दे रहे हैं। मनगवां विधानसभा क्षेत्र में मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
भतीजे से है विधानसभा अध्यक्ष का मुकाबला
नवगठित मऊगंज जिले देव तालाब विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गिरीश गौतम हैं। गिरीश गौतम एमपी विधानसभा के अध्यक्ष हैं। उन्हें उनके भतीजे पद्मेश गौतम टक्कर दे रहे हैं। पद्मेश गौतम को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी के अमरनाथ पटेल हैं। इन्होंने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
मऊगंज में भी कड़ी टक्कर
इसके साथ ही मऊगंज विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की ओर से विधायक प्रदीप पटेल चुनाव मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना इस बार कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
गुढ़ में भी रोचक है मुकाबला
रीवा जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी ने इस बार मौजूदा विधायक नागेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला कांग्रेस के कपिध्वज सिंह से है, मुकाबला बड़ा रोचक होगा।
सिरमौर में भी दिलचस्प है मुकाबला
रीवा जिले के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र में भी इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प है। दो बार के लगातार विधायक दिव्यराज सिंह भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रत्याशी हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से आदिवासी चेहरा पूर्व विधायक राम गरीब बनवासी को कांग्रेस पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। बहुजन समाज पार्टी की ओर से रिटायर्ड डीएसपी बीडी पांडे चुनाव मैदान में हैं, यहां पर कांग्रेस बीजेपी और बहुजन समाज पार्टी की कड़ी टक्कर है।



