भारत ने म्यांमार को भेजी 15 टन राहत सामग्री, भूकंप प्रभावितों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया.
नई दिल्ली: म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने शनिवार को लगभग 15 टन राहत सामग्री भेजी। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना का C130J विमान राहत सामग्री लेकर हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से रवाना हुआ।
इस राहत सामग्री में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, तैयार खाने के पैकेट, पानी शुद्ध करने वाली मशीनें, सोलर लैंप, जनरेटर सेट और आवश्यक दवाइयां शामिल हैं।
म्यांमार और उसके पड़ोसी देश थाईलैंड में शुक्रवार को आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 144 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे।
भारत ने प्राकृतिक आपदा के इस कठिन समय में म्यांमार को तुरंत मदद पहुंचाकर अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी’ के तहत मित्रवत संबंधों का परिचय दिया है।
भूकंप के बाद म्यांमार में भारी तबाही हुई है और कई घर, इमारतें और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
भारतीय वायुसेना का विशेष विमान राहत सामग्री के साथ म्यांमार की राजधानी नेपीडॉ में उतरा।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह राहत सामग्री म्यांमार की सरकार और स्थानीय प्रशासन को सौंपी जाएगी ताकि पीड़ितों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।
भूकंप से प्रभावित इलाकों में बचाव दलों द्वारा राहत कार्य जारी है और भारत की ओर से भेजी गई सामग्री से इन प्रयासों में तेजी आने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में अपने पड़ोसी देश के साथ खड़ा है।
भारत ने पहले भी नेपाल, तुर्की और अन्य देशों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री भेजकर मानवीय सहायता का परिचय दिया है।
राहत सामग्री में विशेष रूप से ऐसे उपकरण भेजे गए हैं, जिनसे प्रभावित इलाकों में बिजली और पानी की सुविधा बहाल करने में मदद मिलेगी।
भारत के इस त्वरित सहायता प्रयास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यदि आवश्यकता पड़ी तो भारत अतिरिक्त सहायता भी भेजेगा।
म्यांमार प्रशासन ने भारत की इस त्वरित सहायता के लिए आभार प्रकट किया है।
इस आपदा में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं।
भारत के राहत दल ने म्यांमार के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाने की योजना बनाई है।
भूकंप के कारण म्यांमार के कई इलाकों में टेलीफोन नेटवर्क और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है।
भारत द्वारा भेजी गई जनरेटर सेट और सोलर लैंप से इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने में मदद मिलेगी।
भारत की इस मानवीय सहायता से दोनों देशों के आपसी संबंधों में मजबूती आने की उम्मीद है।



