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नई दिल्ली: चक्रवात फेंगल का तमिलनाडु और पुडुचेरी में असर, भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने जानकारी दी है कि चक्रवाती तूफान फेंगल का अवशेष अब दबाव के रूप में बदल गया है और यह पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। यह केंद्र 1 दिसंबर को रात 11:30 बजे विल्लुपुरम से 40 किमी उत्तर-पश्चिम, पुडुचेरी से 70 किमी पश्चिम-उत्तरपश्चिम और चेन्नई से 140 किमी दक्षिण-पश्चिम में था।

आईएमडी के अनुसार, अगले छह घंटों में यह धीरे-धीरे कमजोर होकर उत्तरी आंतरिक तमिलनाडु में एक निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है। कराईकल में डॉपलर रडार से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पुडुचेरी के लेफ्टिनेंट गवर्नर कैलाशनाथन ने बताया कि पुडुचेरी में पिछले 24 घंटों में 48.6 सेमी बारिश दर्ज की गई, जो सबसे अधिक बारिश में से एक है। भारी बारिश से जल निकासी प्रणाली प्रभावित हुई है, और कई बिजली के सबस्टेशन जलमग्न हो गए हैं। सुरक्षा कारणों से बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।

भारी बारिश और बाढ़ के कारण पेड़ गिरने और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी सबस्टेशन आज रात तक फिर से चालू हो जाएंगे।

चक्रवात के चलते पुडुचेरी में सोमवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया गया है। तमिलनाडु के विल्लुपुरम, कुड्डालोर, वेल्लोर और रानीपेट जिलों में भी स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी की घोषणा की गई है।

कड्डालोर में भारी बारिश और बाढ़ ने सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

शनिवार सुबह से तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों में जुटा है

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