सोमवार को खान सुरक्षा उप महानिदेशक ने इस शिफ्ट का उद्घाटन किया, जिससे एक समान कार्यस्थल को बढ़ावा देने में सरकार के प्रयासों को नई ऊर्जा मिली है।
यह पहल टाटा स्टील की 2019 में शुरू की गई “वुमेन@माइन्स” पहल का ही हिस्सा है। इस पहल के तहत कंपनी ने भारत सरकार के खान अधिनियम, 1952 में ऐतिहासिक छूट के बाद अपनी खदानों में सभी शिफ्टों में महिलाओं को तैनात करने वाली भारत की पहली कंपनी बन गई थी।
यह कदम न केवल टाटा स्टील के लिए बल्कि पूरे भारतीय खनन उद्योग के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह महिलाओं की क्षमताओं और उनकी दृढ़ता का प्रमाण है, जो पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान उद्योगों में भी सफल हो सकती हैं।


