संगठन ने इस फैसले को ‘पारदर्शिता’ से रहित बताया है।
घटना के मुख्य बिंदु
- AISA का दावा है कि AUD प्रशासन ने बिना पर्याप्त जानकारी के 11 छात्रों को निलंबित कर दिया।
- यह निलंबन विश्वविद्यालय के करमपुरा कैंपस में हुई एक घटना के बाद हुआ।
- घटना में एक छात्र द्वारा अपने सहपाठियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था।
- इस घटना की जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 11 छात्रों के निलंबन का फैसला लिया।
- AISA का कहना है कि निलंबन का निर्णय बिना पारदर्शी प्रक्रिया के लिया गया।
- संगठन का आरोप है कि प्रशासन ने छात्रों को अपनी बात रखने का उचित मौका नहीं दिया।
- AISA के प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही की मांग की है।
- विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि निर्णय जांच के आधार पर लिया गया है।
- AISA ने इस मामले को अन्य छात्र संगठनों के सामने भी उठाया है।
- छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर न्याय की मांग की।
- AISA ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- संगठन का कहना है कि निलंबित छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
- विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि वे इस मामले में निष्पक्ष निर्णय लेंगे।
- AUD के अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्णय लिया गया है।
- छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने मामले की सही जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
- प्रदर्शनकारी छात्रों ने AUD के कुलपति से मुलाकात कर स्पष्टीकरण मांगा।
- AISA ने कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
- छात्रों का कहना है कि उन्हें अपनी सफाई देने का मौका मिलना चाहिए।
- विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को उचित सुनवाई का आश्वासन दिया है।
- इस मामले में अब छात्र संगठन और प्रशासन के बीच तनातनी बनी हुई है।


