States

गरीबी के कारण जेल में रहना उचित नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का बयान.

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव ने गरीबी के कारण जेल में फंसे गरीब आरोपियों को लेकर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि कई गरीब लोग जमानत मिलने के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण जेल से बाहर नहीं आ पाते।

घटना के मुख्य बिंदु

  1. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव ने जमानत के मामलों में गरीबों के अधिकारों पर जोर दिया।
  2. उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में समानता होनी चाहिए ताकि हर व्यक्ति को न्याय मिल सके।
  3. मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि कई गरीब आरोपी आर्थिक संकट के कारण जमानत के बाद भी जेल में रहते हैं।
  4. उन्होंने न्यायपालिका से आग्रह किया कि गरीबों की सहायता के लिए विशेष कदम उठाए जाएं।
  5. श्रीवास्तव ने कहा कि न्यायिक प्रणाली को कमजोर वर्ग के लिए अधिक संवेदनशील बनाना आवश्यक है।
  6. उन्होंने सुझाव दिया कि कानूनी सहायता सेवाओं को और मजबूत किया जाए।
  7. उन्होंने गरीबों को मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जागरूक करने की बात कही।
  8. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका का दायित्व है कि गरीबों को न्याय मिलने में मदद की जाए।
  9. उन्होंने ऐसे मामलों पर तेजी से सुनवाई की जरूरत पर जोर दिया।
  10. श्रीवास्तव ने कहा कि जमानत के बाद भी जेल में रहना गरीबों के साथ अन्याय है।
  11. न्यायाधीश ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गरीब कैदियों की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
  12. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से गरीबों को राहत दी जा सकती है।
  13. श्रीवास्तव ने बताया कि कई बार गरीब परिवार जमानत की प्रक्रिया समझ नहीं पाते।
  14. उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को न्यायिक प्रक्रिया का लाभ मिलना चाहिए।
  15. मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि गरीबों को कानूनी सहायता देने में तत्परता दिखाएं।
  16. श्रीवास्तव ने जेल अधिकारियों को गरीब कैदियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कहा।
  17. उन्होंने कहा कि कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए।
  18. मुख्य न्यायाधीश ने समाज के संपन्न वर्ग से गरीब कैदियों की मदद करने की अपील की।
  19. उन्होंने जोर दिया कि गरीबों के अधिकारों की रक्षा करना न्यायपालिका का प्राथमिक कर्तव्य है।
  20. इस पहल का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को निष्पक्ष और समावेशी बनाना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button