रामगढ़ जिले के रजरप्पा क्षेत्र में स्थित एक परित्यक्त कोयला खदान में अचानक भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। रविवार रात लगी इस आग ने सोमवार सुबह तक विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में घना काला धुआं फैल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धुआं न केवल दमघोंटू है, बल्कि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात खदान से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ जो कुछ ही घंटों में आग में तब्दील हो गया। आग के कारण आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों में खांसी और आंखों में जलन की शिकायतें भी सामने आई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह खदान वर्षों से बंद थी और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि खदान में गैस का जमाव या अवैध खनन के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। जिला प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और खनन विभाग की टीमों को मौके पर भेजा गया है।
रामगढ़ के उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, आसपास के क्षेत्र में मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो जाती, तब तक वे घरों के भीतर ही रहें।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती है। फिलहाल दमकल की कई गाड़ियाँ और प्रशासनिक टीमें स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं।


