प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले में कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। 26 दिसंबर 2025 को सप्लीमेंट्री शिकायत दर्ज की गई। इसमें 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत हुई है। मामला अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि कमीशन की रकम उच्च स्तर तक पहुंची। मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव का नाम भी जांच में आया है। इससे प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंसियां सतर्क हैं।
ईडी ने संकेत दिया है कि आगे और गिरफ्तारी हो सकती है। कोर्ट में ठोस सबूत पेश किए जाएंगे। कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी आरोपियों की भूमिका तय की जाएगी। यह मामला देश के बड़े भ्रष्टाचार मामलों में शामिल हो गया है।


