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बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, सुनवाई शुरू हुई.

अभ्यर्थियों ने उम्र सीमा संशोधन की मांग अदालत के समक्ष रखी.

Ranchi: जेपीएससी सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा 2026 को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। यह विवाद दो अलग-अलग विज्ञापनों से संबंधित है। याचिका अमित कुमार और अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दाखिल की गई है। सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट में संपन्न हुई। अदालत ने मामले की प्रारंभिक समीक्षा की। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा नियमों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर सुनिश्चित किया जाए। कोर्ट ने आयोग और राज्य सरकार से जवाब मांगा।

याचिकाकर्ताओं का मुख्य मुद्दा अधिकतम आयु सीमा से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि परीक्षा में देरी से कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं। इसलिए वर्ष 2018 को आधार वर्ष बनाने की मांग की गई। अदालत ने इस मांग को रिकॉर्ड पर लिया। न्यायालय ने संबंधित पक्षों को विस्तृत स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि नियमों की वैधानिकता स्पष्ट की जाए। इसके बाद आगे की सुनवाई होगी। अगली तारीख 21 अप्रैल तय की गई है।

जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने आयोग का पक्ष रखा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को नियमानुसार बताया। अदालत ने दोनों पक्षों को दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। इस फैसले के बाद अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है। कई उम्मीदवार लंबे समय से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मामला राज्य की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ा होने के कारण चर्चा में है। आने वाले आदेश से परीक्षा प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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