रांची में हाईकोर्ट में पर्यावरण से जुड़े एक अहम मुद्दे पर सुनवाई हुई। बेरमो अनुमंडल विस्थापित संघर्ष मोर्चा ने यह याचिका दायर की थी। इसमें तेनुघाट थर्मल पावर प्लांट के प्रदूषण का जिक्र किया गया। दामोदर नदी और कंटेल नदी पर असर की बात कही गई। आसपास की उपजाऊ जमीन भी प्रभावित हो रही है। इससे किसानों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। लंबे समय से लोग इस मुद्दे को उठा रहे थे। अब यह मामला कोर्ट तक पहुंचा है। सुनवाई के दौरान कई तथ्य सामने आए। इससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस पर कड़ा रुख अपनाया। जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इसे गंभीर और चिंताजनक बताया। भविष्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी निभाने को कहा गया। नियमों का पालन जरूरी बताया गया है। कोर्ट ने साफ कहा कि पर्यावरण सुरक्षा सर्वोपरि है। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। आगे भी निगरानी जारी रहेगी।
इस फैसले से प्रभावित लोगों में उम्मीद जगी है। प्रदूषण के कारण जीवन पर असर पड़ा है। जल स्रोत और खेती दोनों प्रभावित हुए हैं। अब सुधार की संभावना दिख रही है। प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। प्लांट प्रबंधन को जवाब देना होगा। पर्यावरण संरक्षण के उपाय जरूरी हैं। लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। पूरे मामले पर नजर बनी हुई है।


