सारंडा जंगलों में हुई मुठभेड़ के बाद माओवादी संगठन का बयान सामने आया है। संगठन के प्रवक्ता ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताया है। ऑडियो क्लिप के जरिए आरोप लगाए गए हैं। बयान को संगठन की आधिकारिक प्रतिक्रिया बताया गया है।
माओवादियों का कहना है कि सुरक्षा बलों ने अचानक हमला किया। बिना किसी चेतावनी के भारी फायरिंग का आरोप लगाया गया। संगठन ने कार्रवाई को हत्या करार दिया है। जीपीएस और जहर मिलाने जैसी बातें भी कही गई हैं।
बयान में कहा गया है कि इस घटना से ग्रामीण इलाकों में डर फैला है। आदिवासी परिवार घर छोड़ने को मजबूर हैं। तीन सदस्यों के हिरासत में होने का भी दावा किया गया। संगठन ने विरोध की अपील की है।



