रांची के एटीएम से 1.82 करोड़ रुपये की निकासी के तार दुबई और दिल्ली से जुड़े हैं।

अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग कनेक्शन भी सामने आया है, जिसे हवाला के माध्यम से अंजाम दिया गया है। हालांकि, कितनी रकम मनी लॉन्ड्रिंग की गई है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। सिटी एसपी अंशुमान कुमार ने शुक्रवार को बताया कि इतनी बड़ी रकम की निकासी केवल दो व्यक्तियों के द्वारा नहीं की जा सकती। इसमें सीएमएस के अन्य लोगों की संलिप्तता की संभावना है और इसकी जांच जारी है।
आरोपी अमित कुमार मांझी और सुभाष चेल राज्य से बाहर भाग गए हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम राज्य के बाहर भी गई हुई है। फिलहाल पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। ज्ञात हो कि सीएमएस इंफो सिस्टम लिमिटेड कंपनी के दो कर्मी अमित कुमार मांझी और सुभाष चेल, मैनेजर अभिजीत कुमार पांडेय और ब्रांच मैनेजर के खिलाफ 1.82 करोड़ रुपये के गबन की प्राथमिकी अरगोड़ा थाना में दर्ज कराई गई है।
अरगोड़ा पुलिस ने मामले में चुटिया निवासी अतुल शर्मा और सनोज ठाकुर को गिरफ्तार किया है, जो सट्टा खेलाते हैं। अमित कुमार मांझी और सुभाष चेल ने उन्हें सट्टा में लगाने के लिए 60 लाख रुपये दिए थे। उनके पास से एटीएम से निकासी के तीन लाख रुपये और सट्टा खेलनेवालों के 1.55 लाख रुपये बरामद हुए हैं। साथ ही लेन-देन से संबंधित व्हाट्सएप मैसेज भी पाया गया है। सनोज ठाकुर ने बताया कि सट्टा का मुख्य संचालक दिल्ली में रहता है और वह उसी से संपर्क करता था, जबकि सट्टा का मुख्य बुकी दुबई में रहता है। सट्टा खेलाने के आरोप में दोनों पर अरगोड़ा थाना में अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है।


