जामताड़ा में साइबर क्रिमिनल्स चला रहे थे फर्जी कॉल सेंटर, एड पर करते थे हर महीने 10 लाख खर्च
दिल्ली की साइबर पुलिस ने झारखंड के जामताड़ा में साइबर क्रिमिनल्स के एक गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार भी किया है। इनके पास से 20 हजार से ज्यादा एक्टिवेटेड सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। ये लोग जामताड़ा में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इस गैंग ने पूरे देश में हजारों लोगों के बैंक अकाउंट में सेंध लगाई है। ये लोग फर्जी कॉल सेंटर का गूगल पर एड चलवाने के लिए हर महीने 10 लाख रुपये भी खर्च करते थे। अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली के आउटर नार्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर क्राइम पुलिस ने बैंक अकाउंट से फर्जी तरीके से रकम निकासी की एक कंप्लेन की जांच शुरू की तो इसके कनेक्शन जामताड़ा से जुड़े। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने जामताड़ा पहुंचकर छापेमारी की और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से जो 20 हजार मोबाइल सिम बरामद किए गए हैं। इनका इस्तेमाल कर देश भर के लोगों से किसी न किसी बहाने उनके बैंक अकाउंट का डिटेल्स और एटीएम का पिन हासिल किया जाता था।
ठगने के बाद सिम का इस्तेमाल कर देते थे बंद
पुलिस के मुताबिक, साइबर क्रिमिनल्स एक सिम के जरिए किसी को ठगने के बाद उसका इस्तेमाल बंद कर देते थे। हर ठगी के लिए नए सिम का इस्तेमाल किए जाने से इन क्रिमिनल्स तक पहुंचना पुलिस के लिए आसान नहीं हो पाता था। बीते हफ्ते दिल्ली पुलिस की एक दूसरी टीम जब साइबर अपराधियों के खिलाफ छापा मारने पहुंची थी तो गिरोह के लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। एक साइबर ठग को ग्रामीण छुड़ा ले गए थे।
कोलकाता हाई कोर्ट के जज के खाते से उड़ाए थे ढ़ाई लाख
बीते महीने जामताड़ा के साइबर ठगों ने कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एस चतुवेर्दी के खाते से 2.50 लाख रुपए उड़ा लिए थे। इस मामले में कोलकाता पुलिस ने जामताड़ा के करमाटांड़ पुलिस के साथ मिलकर छापामारी करते हुए तीन साइबर क्रिमिनल्स शिव शंकर मंडल, मिथुन मंडल और तपन कुमार मंडल को गिरफ्तार किया था।




