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MVA के मुख्यमंत्री थे लेकिन बिना सलाह-मशविरा के उद्धव ने दिया इस्तीफा, शरद पवार के बयान पर फिर मचा हड़कंप

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने खुलासा कि जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, तो सहयोगी दलों एनसीपी और कांग्रेस से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया था। उन्होंने आगे कहा कि उद्धव केवल अपनी पार्टी की वजह से मुख्यमंत्री नहीं बने थे। उनके मुख्यमंत्री बनने में कांग्रेस और एनसीपी के विधायकों का योगदान था, लेकिन उन्होंने किसी से सलाह-मशविरा नहीं करते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। एनसीपी प्रमुख के इस बयान के बाद राज्य की सियासत में फिर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। महाविकास अघाड़ी को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इस बात की भी चर्चा है कि एनसीपी कहीं एमवीए से किनारा करने के मूड में तो नहीं है। यह भी कहा जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पवार एनसीपी को ज्यादा से ज्यादा सीटें दिलाने के लिए प्रेशर पॉलिटिक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि उद्धव गुट फ़िलहाल कमजोर हालत में है।

बहरहाल मंगलवार की देर शाम उद्धव ठाकरे शरद पवार के घर सिल्वर ओक पहुंचे। पिछले दिनों में महाविकास अघाड़ी के बीच बन रही दरारों को पाटने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। एक मराठी न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे के बारे में पवार ने कहा कि हमारे और उनकी बीच दोस्ताना रिश्ते थे। उद्धव अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे है।

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