‘रेड कॉरिडोर का अंत’! दस लाख के इनामी सहित पांच नक्सलियों का पुलिस के सामने सरेंडर, 223 मामलों में थी तलाश
प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा-माओवादी के कौलेश्वरी जोन के सब जोनल कमांडर अरमजीत यादव समेत पांच नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। अमरजीत पर 10 लाख का इनाम था। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में पांच लाख का इनामी सब जोनल कमांडर सहदेव यादव उर्फ लटन भी शामिल है। इसके अलावा सब जोनल कमांडर नीरू यादव उर्फ सलीम, सब जोनल कमांडर संतोष भुईंया और दस्ता सदस्य अशोक बैगा ने भी सरेंडर किया। सभी नक्सलियों ने रांची में जोनल आईजी ऑपरेशन एवी होमकर के समक्ष सरेंडर किया। इस मौके पर डीआईजी हजारीबाग नरेंद्र सिंह और चतरा के एसपी राकेश रंजन भी मौजूद थे।
इन हथियारों के साथ किया सरेंडर
पुलिस के सामने सरेंडर करने के दौरान नक्सलियों ने हथियार, कारतूस और वायरलेस भी पुलिस को सौंपा। इसमें दो एके 56, एक एसएलआर, एक इंसास रायफल, चार मार्क दो रायफल, एक यूएस रायफल, एक एयरगन और दो देशी बंदूक शामिल है। इसके अलावा एक पिस्टल, 1855 कारतूस, अलग-अलग हथियारों के 41 मैगजीन, 16 वायरलेस सेट, आईजी बनाने के पाउडर और पोटाश भी पुलिस को सौंपा।
पांच नक्सलियों के खिलाफ 223 मामले दर्ज
आईजी ऑपरेशन एवी होमकर ने बताया कि अमरजीत यादव पर कुल 81 मामले दर्ज हैं, जिसमें चतरा में 41 और बिहार के गया में 40 दर्ज हैं। इसी तरह से सहदेव यादव पर चतरा में 26, हजारीबाग में एक, बिहार के औरंगाबाद में 10, बिहार के गया में 16 मामले दर्ज है। इस तरह से उसके खिलाफ कुल 53 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा नीरू यादव पर चतरा में 27, हजारीबाग में 1, बिहार के गया में 19, बिहार के औरंगाबाद में 13 मामले दर्ज है। संतोष भुईंया पर चतरा में 19, बिहार के गया में पांच और औरंगाबाद में तीन यानी कुल 27 मामले दर्ज है। जबकि अशोक बैगा पर चतरा में दो मामले दर्ज हैं।




