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पूर्णिया में शिक्षकों के लिए टॉर्चर सेंटर बना BRC! शिक्षकों का आरोप- बिना चढ़ावा नहीं होता कोई काम

शिक्षकों की फाइल हो। उस पर कोई काम बाकी हो। बीआरसी में फाइल पड़ी हो लेकिन उस पर कोई काम नहीं किया जाएगा, जब तक आपने कुछ चढ़ावा नहीं चढ़ाया हो। पूर्णिया जिले के ज्यादातर शिक्षकों का यही मानना है। कई शिक्षक खुलकर बीआरसी की आलोचना करते हैं। पूर्णिया के टीईटी शिक्षक संघ के अध्यक्ष नीतेश कुमार ने बकायदा मीडिया को जानकारी दी है कि बीआरसी में भ्रष्टाचार का आलम है। नीतेश ने मीडिया को जानकारी दी है कि बिना लेन देन और चढ़ावे के आपकी कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ेगी। जो पैसा देगा उसी का काम होगा यहां फंडा बिल्कुल साफ है।

पैसे नहीं देने पर काम रोका जाता है

शिक्षकों का कहना है कि जो पैसे नहीं देता है उसके काम को रोक दिया जाता है। उसे सुस्त ढंग से किया जाता है। शिक्षक परेशान हो जाते हैँ। बार-बार वेतन रोकने की धमकी दी जाती है। जानकारी के मुताबिक नये शिक्षकों को सात महीने से वेतन नहीं मिला है। उनकी हालत खराब है। कई शिक्षक किराये पर कमरे लेकर रहते हैं उन्हें किराया चुकाने में परेशानी हो रही है। शिक्षक किराना दुकान का बकाया लेकर काम चलाते हैं। उनके बच्चों की स्थिति खराब है। घर के लिए कुछ खरीदारी नहीं कर सकते हैं। ऐसी नौकरी से क्या फायदा। शिक्षकों की परेशानी को बीआरसी नहीं समझता है और फाइल अटक जाता है।

एरियर लंबित है

कई शिक्षकों के एरियर लंबित हैं। उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। विगत पांच महीनों से उनकी फाइल कार्यालय में धूल फांक रही है। अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है। शिक्षक ही कुछ शिक्षक के दुश्मन बन गए हैं। खुद बीआरसी में बैठे रहते हैं और शिक्षकों का दोहन करते हैं। वे लोग बीआरसी के कर्मचारियों से मिलकर शिक्षकों से पैसे ऐंठने का काम करते हैं। शिक्षकों का मानना है कि बिना लेन देन के किसी भी काम को नहीं किया जाता है। बीआरसी को चाहिए कि नये शिक्षकों का वेतन जारी कर दे। उनके घर में भुखमरी की स्थिति बनी हुई है।

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