अडानी बदलेंगे एशिया के सबसे बड़े स्लम की तस्वीर, जानिए मेकओवर के बाद कैसी दिखेगी धारावी
एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी, जहां करीब 10 लाख से अधिक लोग रहते हैं। 13000 से अधिक छोटे-मोटे कारोबार चलते हैं, उसकी तस्वीर बदलने वाली है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच में बसा दुनिया के घनी आबादी वाले झुग्गियों में से एक धारावी (Dharavi) अभावों के बीच सालों से जी रहा है। छोटे-छोटे घर, झुग्गी-झोपड़ी, गंदगी, तंग गलियां इसकी पहचान बन गए हैं। साल 2008 में आई फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर ने दुनिया के सामने धारावी की असली तस्वीर खोलकर रख दी। जिसके बाद से कई बार इसे डेवलप करने की चर्चाएं शुरू हुई, लेकिन हर बार बात अटक गई। लंबे इंतजार के बाद अब देश के बड़े उद्योगपति गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी अडानी समूह (Adani Group) इसका पुनर्विकास करेगी। पिछले 15 सालों से कई असफल प्रयासों के बाद अब अडानी इसकी सूरत बदलेंगे।
अडानी संवारेंगे धारावी की सूरत
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई स्थित एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी के पुर्नविकास के लिए अडाणी प्रॉपर्टीज की नियुक्ति को अंतिम मंजूरी दे दी है। अडानी समूह की कंपनी करीब 600 एकड़ के फैले धारावी इलाके के निवासियों के पुनर्वास और उसके रिडेवलपमेंट का काम करेगी। नवंबर 2022 में महाराष्ट्र सरकार ने धारावी पुर्नविकास परियोजना के लिए टेंडर खोला था। इसके लिए अडानी ग्रुप ने 5069 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। वहीं DLF ने 2025 करोड़ रुपये की और नमन ग्रुप ने बोली लगाई थी। अडानी समूह ने सबसे ऊंची बोली लगाकर जीत हासिल की थी।
7 सालों में बदल जाएगी धारावी
सघन आबादी वाले इस इलाकों को अब गौतम अडानी की कंपनी संवारने जा रही है। प्रोजेक्ट के सीईओ SVR श्रीनिवास के मुताबिक धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए गवर्नमेंट रेजोल्यूशन जारी कर दिया गया है। इसके लिए जल्द ही लेटर ऑफ अवॉर्ड भी जारी किया जाएगा। इसके बाद ही अडानी समूह इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर सकेगा। इस प्रोजेक्ट को कई चरणों में पूरा किया जाएगा। माना जा रहा है कि पहले चरण की शुरुआत 2024 में हो जाएगी। इस पुनर्वास के लिए परियोजना की कुल समयसीमा 7 साल है। यानी 7 सालों में धारावी की तस्वीर बदल जाएगी। माना जा रहा है कि धारावी रिडेवलपमेंट प्लान के पूरा होने के बाद ये भारत का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा। 2.5 लाख वर्म किमी एरिया में रहने वाले करीब 6.5 लाख योग्य लोगों को यहां झुग्गी के बदले फ्लैट दिए जाएंगे। यह परियोजना से 45-47 एकड़ रेलवे भूमि पर बनाई जाने गई झोपड़ियों में रहने वाले लाभार्थियों के सीधे पुनर्वास के साथ शुरू होगी। दूसरी झुग्गी पुनर्वास परियोजनाओं की तरह, इस परियोजना में निर्माण अवधि के दौरान उन्हें अस्थायी घरों में नहीं रखा जाएगा। हालांकि अभी इस प्रोजेक्ट से जुड़ी पूरी डिटेल सामने नहीं आई है।
23000 करोड़ का खर्च
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में 23000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए स्पेशल प्लानिंग अथॉरिटी बनाई गई है। इसके तहत एक स्पेशल पर्पज व्हीकल यानि SPV बनाना जाएगा। इस एसपीवी में 80% इक्विटी या 400 करोड़ रुपये होंगे, जिसमें 20% इक्विटी या 100 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी महाराष्ट्र सरकार के पास होगी। SPV सर्वे के बाद धारावी में फ्री घर पाने वाले एलिजिबल लोगों की लिस्ट तैयार करेगा। इन लोगों को रिडेवलपमेंट योजना के तहत फ्री में घर दिए जाएंगे। कंपनी को बनाए जाने वाले फ्लैटों के निर्माण के दौरान सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का ध्यान रखना होगा। धारावी को संवारने के लिए पूरा प्लान तैयार है।




