‘जेहादियों के जीजा’ की सच्चाई, VHP ने इतने दिन क्यों छिपाई
बिट्टू बजरंगी ऊर्फ राज कुमार। भगवा कुर्ता, भगवा लुंगी और गले में लगे में लटका लॉकेट जिसमें गाय की तस्वीर है। अब बिट्टू को हर कोई जानता है। राज कुमार असली नाम है आज पता चला। बिट्टू अपने नाम के आगे बजरंगी लगाता है लेकिन आज कोई संगठन उसके साथ नहीं है। बजरंग दल भी नहीं। बिट्टू बजरंगी पर नूंह और मेवात में दंगे फैलाने का आरोप है। मोनू मानेसर के साथ। दोनों में कोई कनेक्शन है या नहीं इस पर बजरंगी खुद कहता है कि साल में एक बार मुलाकात होती है जब गोरक्षक आपस में मिलते हैं। लेकिन बिट्टू बजरंगी को जो भी फॉलो कर रहा है, वो मानेगा कि उसकी बातें चिंगारी फैलाने के लिए काफी थी। दंगों के बाद उसे बेल मिल गई। लेकिन 15 अगस्त को हरियाणा पुलिस ने उसे फिर से अरेस्ट कर लिया। सादी वर्दी में पुलिस वालों ने उसके घर पर धावा बोला और आस्तीन पकड़ घसीटते हुए ले गए। मेवात के सामाजिक ताने बाने को बिगाड़ने के सारे गुनहगारों का यही हाल होना चाहिए। हिंदू हो या मुसलमान। दाद देनी होगी हरियाणा की तेज तर्रार पुलिस अफसर उषा कुंडू की जिनकी एफआईआर पर बिट्टू बजरंगी को उठाया गया।
लाख समझाने के बावजूद बिट्टू बजरंगी तलवार लेकर नूंह मेवात पहुंचा था। जब उसके हथियार छीन लिए तो उसने पुलिसवालों पर भी हमला किया। ये घटना नलहर महादेव मंदिर के पास हुई थी। बिट्टू अपने साथियों के साथ वहां से फरार हो गया। बिट्टू ने नूंह के झंडा चौक से पहले एक वीडियो वायरल कर कहा था कि माला लेकर स्वागत के लिए तैयार रहना, आ रहा हूं। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में बजरंगी स्वीकार करता है कि उसने इस तरह का पोस्ट डाला था। उसकी दलील है कि उसे मेवात में नहीं घुसने देने की धमकी दी गई थी जिसके जवाब में उसने वीडियो पोस्ट किया। जैसे ही ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा झंडा चौक पहुंची वैसे ही पत्थर बरसने लगे। ये चिंगारी आग बन गई जिसमें छह लोगों की मौत हो गई और करोड़ों की संपत्ति स्वाहा। पुलिस अफसर उषा कुंडू ने एफआईर में लिखा है कि बिट्टू ने उसके साथ बदतमीजी की। अब बिट्टू और उसके सहयोगियों पर धारा 148, 149, 186, 332, 353, 395, 397,506 लगाया गया है। मतलब डकैती से लेकर दंगा भड़काने और सरकारी अधिकारियों को काम करने से रोकने वाली धाराएं। डकैती की धारा 395 और जानलेवा हमले की धारा 397 का मतलब है बिट्टू बजरंगी को तुरंत बेल नहीं मिलेगी।
दूसरे अरेस्ट के बाद विश्व हिंदू परिषद सक्रिय हो गई। इसने ट्वीट कर दावा किया कि बिट्टू बजरंगी का बजरंग दल से कभी कोई संबंध नहीं रहा और उसने जो वीडियो जारी किया है उसे भी विश्व हिंदू परिषद उचित नहीं मानती। बिट्टू का नाम ही बजरंगी था या सचमुच वो बजरंग दल से जुड़ा था, इसकी तह में जाने की कोशिश करेंगे लेकिन विश्व हिंदू परिषद के पल्ला झाड़ने के बाद उसी की लानत मलानत सोशल मीडिया पर शुरू हो गई। कुछ को तो ज्ञान की प्राप्ति भी हुई। युवाओं को समझाया जा रहा है कि धर्म के दुकानदार तुम्हारा इस्तेमाल कर रहे हैं। सतर्क हो जाओ नहीं तो यूज करने के बाद कन्नी काट लेंगे। कई मीम भी चल रहे हैं। एक यहां देख लीजिए।
कुछ लोग बजरंग दल को चेतावनी दे रहे कि ऐसा करते रहे तो प्रचारकों के लाले पड़ जाएंगे। अब बिट्टू को टटोलते हैं। बिट्टू बजरंगी के नाम से फेसबुक पर कई प्रोफाइल हैं। एक में लगभग 5000 दोस्त है और परिचय में लिखा है – जिहादियों का जीजा।




