कहीं भूकंप, कहीं बाढ़ तो कहीं भूस्खलन.. क्या नेचर दे रहा है खतरनाक सिग्नेचर?
मोरक्को में पिछले हफ्ते आए विनाशकारी भूकंप ने तबाही मचाई। 6.8 तीव्रता वाले इस भूंकप की वजह से 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। वहीं लीबिया इन दिनों भीषण बाढ़ के प्रकोप को झेल रहा है। लीबिया में के डर्ना शहर में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 6,000 हो गई है। मोरक्को और लीबिया ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देश किसी न किसी प्राकृतिक आपदा को झेल रहे हैं। कहीं तापमान अनियमित रूप से बढ़ रहा है, तो कहीं बिना मौसम के बारिश हो रही है। भारत भी इन देशों में शामिल है। भारत के कई राज्यों में बारिश मुसीबत बनकर बरस रही है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से कई मकान और बिल्डिंग ध्वस्त हो चुकी हैं, वहीं 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत समेत दुनियाभर में आ रही प्राकृतिक आपदाएं कहीं नेचर का कोई खतरनाक सिग्नेचर तो नहीं है। आइए समझते हैं।
नेचर क्या सिग्नल दे रहा
दुनियाभर में बदल रहे मौसम के ट्रेंड को समझने के लिए हम भारत में हो रहे बदलाव को ही देख सकते हैं। पिछले साल यानी 2022 से अब तक के मौसम को ही देखा जाए तो पाएंगे कि एक साल में ही कई अजीबोगरीब बदलाव हुए। इसी साल जून-जुलाई में दिल्ली समेत देशभर में भारी बारिश हुई। लेकिन अगस्त महीने में बारिश दिल्ली से नाराज हो गई। अगस्त में जहां सुहावना मौसम देखने को मिलता है, वहीं इस साल लोगों ने मई-जून जैसी गर्मी को झेला। ऐसा सिर्फ मॉनसून के साथ ही नहीं हुआ बल्कि सर्दियों में भी देखने को मिला। दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड, दिल्ली में तापमान जीरो तक पहुंच गया।

दिल्ली में बाढ़, तो पहाड़ों पर भूस्खलन
सालभर में देशभर के मौसम के ट्रेंड में हुआ बदलाव मौसम एक्सपर्ट्स को भी अचंभे में डाल रहा है। मौसम विभाग को पूर्वानुमान करने में भी दिक्कत हो रही है। बदलते मौसम से वो देखने को मिल रहा है, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। इस साल जून-जुलाई में पहाड़ों से लेकर मैदानी राज्यों में बारिश ने सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए। बाढ़ की खबरें लगभग हर राज्य से सामने आईं। उत्तराखंड, हिमाचल, गुजरात, बिहार, यूपी कोई भी बाढ़ की मार से नहीं बच सका। हैरानी तो तब हुई जब देश की राजधानी दिल्ली में भयानक बाढ़ आ गई। यमुना नदी के जलस्तर से पुराने सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए। दिल्ली की सड़कों से लेकर घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। एक और जहां दिल्ली को जी20 के लिए सजाया जा रहा था वहीं बाढ़ ने एक नई मुसीबत पैदा कर दी।

चक्रवात ने भी मचाई तबाही
वहीं गुजरात में आए बिपरजॉय चक्रवात को भी कोई कैसे भूल सकता है। अरब सागर में उठे इस चक्रवात ने कितने बार अपनी दिशा बदली। शुरुआत में कहा जा रहा था कि ये पाकिस्तान के तट से टकराएगा लेकिन बाद में इसने दिशा बदली और गुजरात से टकराया। कई दिनों तक गुजरात और राजस्थान में रेड अलर्ट रहा। गुजरात में सैकड़ों पेड़ टूट गए, भारी बारिश हुई, करोड़ों का नुकसान हुआ। हालांकि सरकार और प्रशासन की सूझबूझ से कोई हताहत नहीं हुआ।



