जानकी को नहीं मिला 10 साल पहले गायब हुआ पति मोतीचंद, अस्पताल के पास जिसे पाया निकला राहुल
जानकी की आंखों पर प्रेम की पट्टी बंधी हुई थी। देख ही नहीं पाई कि जिस विक्षिप्त व्यक्ति को वह अपने साथ ले जा रही है, वह उसका पति नहीं बल्कि कोई और है। बलिया के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। 10 साल पहले जानकी का पति गायब हो गया था। बलिया के अस्पताल के बाहर वह एक भिखारी के वेश में मिला। उसे देखते ही प्रेम में सराबोर महिला सुध-बुध खो बैठी। उसे लगने लगा यही उसका पति है। जिसके साथ उसने सात फेरे लिए थे। उसे देखते ही जानकी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसे अपने साथ ले जाने लगी। लोगों ने पत्नी के इस प्रेम को देखा तो फोटो-वीडियो बनाने लगे। ऐसे समय में जब महिलाओं को अंजू, सीमा और ज्योति मौर्य के मामलों पर कोस रहे हैं, ज्योति का उदाहरण देने लगे। लेकिन, वायरल होते वीडियो और फोटो ने जानकी के साथ जाने वाले मानसिक विक्षिप्त की असलियत को सामने ला दिया। जानकी का इंतजार और लंबा हो गया। उस व्यक्ति के परिजनों को सूचना मिली, जिसे जानकी ने अपना पति माना था। उसके गांव इस व्यक्ति के ग्रामीण पहुंचे। पहचान की गई तो वह जानकी का पति मोतीचंद मौर्य नहीं निकला। हालांकि, इसके बाद भी उस मानसिक व्यक्ति की जानकी के गांव में पूरी आवभगत की गई।
राहुल राम निकला शख्स
बलिया जिला अस्पताल के पास 28 जुलाई को सुखपुरा थाना क्षेत्र के देवकली गांव की रहने वाली जानकी मौर्य ने एक मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति को देखा। उसे देखते ही जानकी को लगा कि यह उसका पति मोतीचंद मौर्य है। पति समझ कर उसे वह अपने घर ले गई। 10 साल से गायब मोतीचंद के मिलने की सूचना आग की तरह फैली। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने लगा। शनिवार को यह मामला पलट गया। नगरा थाना क्षेत्र के सिकरहटा गांव के लोग देवकली पहुंचे और उस पागल व्यक्ति की पहचान अलग बतानी शुरू कर दी। लोगों ने कहा कि इसका नाम राहुल राम है। इसके गुमशुदगी की रिपोर्ट नगरा थाने में करीब एक माह पहले दर्ज कराया गया था। राहुल राम के परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद उसे लेकर सिकरहटा गांव से आए लोग निकल गए।



