जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए।
इन दोनों नक्सलियों पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जो इस क्षेत्र में उनकी सक्रियता और सुरक्षा बलों के लिए चुनौती को दर्शाता है। यह मुठभेड़ बस्तर जिले के घोर नक्सल प्रभावित इलाके में हुई, जहां सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान चला रही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों को इस इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी फायरिंग की।
मुठभेड़ के बाद इलाके की तलाशी में दो नक्सलियों के शव बरामद हुए। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों ही प्रतिबंधित नक्सली संगठन के सक्रिय सदस्य थे और उन पर कई हिंसक वारदातों में शामिल होने का आरोप था।
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है, जिससे इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों की पुष्टि होती है। इस सफलता को सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
बस्तर क्षेत्र लंबे समय से नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा है, और सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। इस मुठभेड़ में नक्सलियों का मारा जाना सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने वाला है और यह क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों को मजबूती देगा।
राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें इलाके में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य नक्सली आसपास के क्षेत्र में मौजूद न हो। पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को देने की अपील की है।
इस घटना से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच संघर्ष जारी है। हालांकि, सुरक्षा बलों को मिल रही लगातार सफलताएं नक्सलियों के हौसले को पस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।


