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मनी लाउंड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम की 39 करोड़ की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग मामले में झारखंड के पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कुमार राम की करीब 39 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। जब्त संपत्ति में राष्ट्रीय राजधानी के पॉश इलाके में स्थिति दो फ्लैट, एक फार्महाउस, जमशेदपुर में आलीशान बंगला और कुछ भूखंड शामिल हैं। केंद्रीय एजेंसी ने बुधवार को यह जानकारी दी। ईडी की ओर से यह जानकारी दी गई है कि मनी लांड्रिंग मामले में वीरेंद्र कुमार राम और उनके परिवार के सदस्यों की संपत्ति को जब्त की गई है। धनशोधन रोधी अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत यह संपत्ति जब्त की गई।

वीरेंद्र राम को फरवरी में किया गया था गिरफ्तार

एजेंसी ने बताया कि झारखंड के रांची और जमशेदपुर, बिहार और दिल्ली स्थिति विभिन्न ठिकानों की छापेमारी करने के बाद राम को इस साल फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। राम के रिश्ते के भाई आलोक रंजन को मामले में इस महीने गिरफ्तार किया गया और दोनों मौजूदा समय में न्यायिक हिरासत में हैं।

40 लाख कैश और 1.51 करोड़ के जेवरात जब्त

ईडी ने बताया कि छापेमारी के दौरान 40 लाख रुपये की नकदी, सात लग्जरी वाहन और 1.51 करोड़ मूल्य के जेवरात भी जब्त किए गए थे। ईडी ने बताया कि राम की कुर्क की गई चल और अचल संपत्ति की कीमत करीब 39.28 करोड़ रुपये है जिनमें फार्म हाउस, दिल्ली के पॉश डिफेंस कॉलोनी और साकेत इलाके में स्थित एक-एक फ्लैट, जमशेदपुर में दो मंजिला बंगला और कई अन्य भूखंड शामिल है।

ठेका देने के बदले कमीशन लेकर संपत्ति बनाने का आरोप

एजेंसी ने आरोप लगाया कि रांची में ग्रामीण कार्य विभाग में बतौर मुख्य इंजीनियर तैनात वीरेंद्र कुमार राम ने ठेका देने के बदले ठेकेदारों से कमीशन लेकर उक्त संपत्ति बनाई। अपराध से अर्जित धन से राम और उनका परिवार शानदार जीवन व्यतीत कर रहा था। एजेंसी ने झारखंड के भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया।

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