पहलवानों के समर्थन में कल संसद का घेराव करेंगी खाप पंचायतें, राकेश टिकैत का ऐलान
किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने दिल्ली जंतर मंतर पर धरना दे रहे महिला पहलवानों के समर्थन में उतरने की घोषणा की है। शनिवार को उन्होंने ऐलान किया कि रविवार को खाप पंचायतें संसद का घेराव करेंगी। फेसबुक पर लाइव आकर उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan sharan singh) की गिरफ्तारी की मांग करते हुए रविवार को खाप पंचायतों से दिल्ली कूच का आह्वान किया है।
राकेश टिकैत ने घोषणा की है कि रविवार को उत्तर प्रदेश सहित आसपास के राज्यों से खाप पंचायतें दिल्ली संसद भवन का घेराव करेंगी। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि उनके पदाधिकारियों के घरों से फोर्स नहीं हटाई गई तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। उन्होंने साफ कहा कि सुबह 10 बजे तक यदि फोर्स नहीं हटाई गई तो हर किसान नेता ट्रैक्टरों से दिल्ली के लिए कूच करेगा।
उन्होंने कहा कि यदि सुबह 10 बजे तक किसान नेताओं के घरों से फोर्स नहीं हटती तो 11 बजे वह फेसबुक पर लाइव आएंगे। फेसबुक लाइव के जरिए वह किसानों से उनके वाहनों सहित दिल्ली के लिए कूच का आह्वान करेंगे। उस स्थिति में आंदोलन पहले से लंबा खिंच सकता है।
चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि महिला पहलवानों का धरना दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा है। उस धरने के समर्थन में महिलाएं संसद भवन पर प्रदर्शन करने के लिए जाएंगी। उन्होंने कहा कि पता चला है कि दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के चारों बॉर्डर को सील किया है। जब हमें यह पता चला तो हमने कहा कि दिल्ली के चारों बार्डर पर अलग-अलग जगह जहां पर भी धरने चले हुए थे, उन्हीं प्वाइंट्स पर हम सब लोग एकत्रित होंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान किसान क्रांति गेट गाजीपुर बार्डर पर पहुंचेंगे। वहीं पर बैठक करेंगे। इसके बाद यहां से आगे चला जाएगा। उन्होंने बताया कि कल का कार्यक्रम मुख्य रूप से खाप चौधरियों का ही है, लेकिन इसमें यूनियन के लोग भी पहुंचेंगे। यह यूनियन भी तो खाप से ही है। इस प्रदर्शन में दिल्ली के चारों तरफ से लोग आएंगे। हरियाणा पंजाब राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लोग जाएंगे और अपने अपने बॉर्डर पर सभी लोग जाएंगे और वहां से सभी एक साथ आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांग रहेगी कि सरकार कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह की पहले गिरफ्तारी करे। उसके बाद जांच करती रहे। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि उनके बीच आकर कुछ लोग उकसावे की कार्रवाई कर सकते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा। आंदोलन पूर्ण रूप से शांतिमय होगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जिन्हें चुनाव लड़ना है वह ऐसे मौके का फायदा उठाने का प्रयास कर सकते हैं।



