रांची: झारखंड की राजधानी रांची में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एजेंसी की टीम ने कारोबारी विमल अग्रवाल और पुनीत अग्रवाल के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक गंभीर मामले में की जा रही है।
ईडी की टीम तड़के दिल्ली और पटना से रांची पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी शुरू की। छापे की कार्रवाई विमल अग्रवाल और पुनीत अग्रवाल के आवास, दफ्तर और अन्य व्यावसायिक परिसरों पर की गई। इस दौरान एजेंसी को कई संदिग्ध दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों कारोबारियों पर शेल कंपनियों के माध्यम से बड़ी मात्रा में काले धन को वैध बनाने का आरोप है। ईडी को संदेह है कि अग्रवाल परिवार ने कई फर्जी लेन-देन और नकली कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया है।
छापेमारी के दौरान एजेंसी को कुछ ऐसे लेन-देन के सबूत भी मिले हैं जिनका संबंध अन्य राज्यों में चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग केस से हो सकता है। ईडी की टीम इन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और आगे की जांच के लिए दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
इस कार्रवाई से झारखंड के कारोबारी जगत में हलचल मच गई है। ईडी की छापेमारी अभी भी जारी है और संभावना है कि आने वाले दिनों में कुछ और नामों का खुलासा हो सकता है।
प्रवर्तन निदेशालय ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, जांच के बाद कई अहम गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। मामला वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा होने के कारण यह कार्रवाई राज्य की राजनीति और व्यापारिक गतिविधियों पर बड़ा असर डाल सकती है।


